उत्तराखंड से अजय टम्टा को मोदी कैबिनेट में स्थान मिल सकता है,

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हर जगह चर्चा है कि सिर्फ 23 वर्ष की उम्र में राजनीति में आने वाले अजय टम्टा ने 52 वर्ष की उम्र में ऐसा राजनीतिक मुकाम हासिल किया। वह अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में जीत की हैट्रिक लगाने वाले चौथे नेता बन गए हैं।

उत्तराखंड में अल्मोड़ा सीट से सांसद अजय टम्टा को केंद्र में भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। बताया जा रहा है कि अजय टम्टा को भी दिल्ली से बुलावा आया है। हालांकि वह केंद्र में मंत्री बनेंगे या राज्य मंत्री यह अभी स्पष्ट नहीं है। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने इसकी पुष्टि की है।

यह रहा राजनीतिक सफर,

जहां अजट टम्टा अल्मोड़ा संसदीय सीट पर चौथे नेता बन गए। कांग्रेस के जंग बहादुर बिष्ट, पूर्व सीएम हरीश रावत और भाजपा के बची सिंह रावत ने इससे पहले यह रिकार्ड हासिल किया था। लोकसभा चुनाव में उनकी लगातार तीसरी जीत ने उनका कद बढ़ा दिया है और एक कुशल राजनीतिज्ञ बन गए हैं।

23 वर्ष की उम्र में अजय टम्टा ने लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए। उन्होंने अपने को राजनीति में स्थापित करने के लिए अब तक नौ बार चुनाव लड़ा और छह में विजयी हुआ। 1996 में वह जिला पंचायत सदस्य बन गए। उस वर्ष वह जिला पंचायत उपाध्यक्ष चुने गए।

वर्ष 1999 से 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे और तब उन्होंने सबसे कम उम्र का जिपं अध्यक्ष बनने का रिकार्ड बनाया। 2002 में सोमेश्वर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। 2007 में भाजपा के टिकट पर फिर से विस का चुनाव लड़ा और देहरादून पहुंचे। 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन जीत की दहलीज तक पहुंचने से चूक गए।

2012 में सोमेश्वर सीट से ही विधानसभा तक का सफर तय किया। पार्टी ने वर्ष 2014 में उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा इस पर वह खरे उतरे। 2019 के लोकसभा चुनाव में रिकार्ड मतों से लगातार दूरी जीत दर्ज की। 20024 के चुनाव में भी परिणाम उनके और पार्टी के पक्ष में आए हैं और इस सीट पर वह जीत की हैट्रिक लगाने वाले तीसरे सांसद बने हैं।