पलायन को रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार का नया प्लान, चीन-नेपाल सीमा पर खुलेंगी 15 पुलिस चेकपोस्ट

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चीन व नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के 52 वाइब्रेंट विलेज में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता होगी। इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से यहां 15 रिपोर्टिंग पुलिस चेकपोस्ट खोलने की तैयारी है। जो वायरलेस व रिपीटर सेट से लैस होंगी और हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। विभाग ने शासन को इसका प्रस्ताव भेजा है, जिसे मंजूरी मिलते ही चेकपोस्ट स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उत्तराखंड के तीन सीमांत जिलों पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी में कुल 658 किलोमीटर सीमा चीन व नेपाल से लगी है।

पलायन रोकने के लिए प्रशासन ने बनाया प्लान
उत्तराखंड के तीन सीमांत जिलों पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के सीमावर्ती गांव अभी पलायन की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में यहां घुसपैठ की संभावना बनी रहती है। इसको देखते हुए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत केंद्र सरकार सीमावर्ती गांवों में सुविधाएं बढ़ा रही है। इन गांवों में आर्थिक सुधार-आजीविका विकास, घर व ग्रामीण अवस्थापना, पारिस्थितिकी तंत्र का पुनरुद्धार, सड़क कनेक्टिविटी, कौशल विकास आदि कार्य किए जाने हैं।

पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ सुरक्षा भी होगी दुरुस्त
विकास कार्य शुरू होने के बाद यहां पर कई तरह की गतिविधियां शुरू होंगी। भविष्य में इन गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही इन्हें जीवंत बनाने की तैयारी है। इसी के दृष्टिगत इन गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

15 चेकपोस्ट खोलने की है तैयारी
पुलिस विभाग ने इसी कड़ी में पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के पांच विकासखंडों मुनस्यारी, धारचूला, कनालीछीना, जोशीमठ व भटवाड़ी के सीमावर्ती क्षेत्र में 15 चेकपोस्ट खोलने की योजना बनाई है, जिससे 52 गांव लाभान्वित होंगे।

जिलेवार सीमावर्ती गांव, जो चेकपोस्ट से होंगे लाभान्वित
जिला – गांव
पिथौरागढ़ – 27
चमोली – 14
उत्तरकाशी – 11

अधिकारी ने कहा ये बात
सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा जरूरी है। केंद्र सरकार ने भी इसीलिए पिथौरागढ़, चमोली व उत्तरकाशी में वाइब्रेंट विलेज चिह्नित किए हैं। इन गांवों से पलायन रोकने और युवाओं को गांव में ही रोजगार मिल सके, इसके लिए अलग-अलग विभागों की ओर से विकास योजनाएं तैयार की गई हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर इन गांवों में 15 पुलिस चेकपोस्ट खोलने की तैयारी है। इससे मूल निवासियों को फायदा मिलेगा, वहीं मानव व वन्य जीव तस्करी भी रुकेगी। चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस बल क्षेत्र में पहले से मौजूद एसएसबी, आइटीबीपी और सीमा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर रखेगी। -नीलेश आनंद भरणे, मुख्य प्रवक्ता, पुलिस मुख्यालय