एशियन गेम्स 2026 के जेवलिन थ्रो में यश वीर सिंह ने सिल्वर तो रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.
Asian Games 2026 Javelin: एशियन गेम्स 2026 के मेंस जेवलिन थ्रो मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा. हालांकि वो अपने देश को गोल्ड तो नहीं दिला सके, लेकिन दो मेडल अपने नाम करने में जरूर सफल रहे. सोमवार को भारत के उभरते हुए दो जेवलिन थ्रो स्टार ने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर जेवलिन थ्रो स्टार नीरज चोपड़ा की कमी महसूस नहीं होने दी. जिन्होंने लगातार दो एशियन गेम्स 2018 और 2023 में गोल्ड मेडल जीते थे. यश वीर सिंह ने 85.72 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित ने 84.35 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. श्रीलंका के दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.55 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता. मौजूदा ओलंपिक चैंपियन, पाकिस्तान के अरशद नदीम, 80.29 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे.
लगातार दूसरी बार
भारत के इस नतीजे का मतलब है कि भारत ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में पुरुषों के जेवलिन थ्रो में दो मेडल जीते हैं. हांगझू 2023 में नीरज चोपड़ा ने 88.88 मीटर के साथ गोल्ड मेडल जीता था, जबकि किशोर जेना ने 87.54 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता था.
यश वीर और रोहित का प्रदर्शन
हरियाणा के 24 वर्षीय यशवीर ने फाइनल में मजबूत शुरुआत की और 83.56 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष पर पहुंच गए. इसके बाद उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय रोहित ने अपने तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर का थ्रो करके शीर्ष स्थान हासिल कर लिया. जिससे आधे मुकाबले तक दोनों भारतीय शीर्ष दो स्थानों पर बने रहे.
चौथी कोशिश में यश वीर ने 84.31 मीटर की दूरी दर्ज की, और फिर अपनी पांचवीं कोशिश में 85.14 मीटर के साथ अपने नतीजे को बेहतर करते हुए रोहित से आगे निकलकर सिल्वर मेडल की स्थिति में आ गए. उन्होंने अपनी सबसे अच्छी कोशिश आखिरी थ्रो के लिए बचाकर रखी थी, जिसमें उन्होंने 85.72 मीटर की दूरी हासिल की और इस तरह अपना नया पर्सनल बेस्ट (व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) बनाया. इससे पहले उन्होंने 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.41 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता था. जहां थरंगा ने गोल्ड जीता, वहीं नीरज ने सिल्वर मेडल हासिल किया. वहीं, रोहित 87.68 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ जापान पहुंचे थे, जो उन्होंने अगस्त में भुवनेश्वर में हासिल किया था.
पथिरागे फिर बने चैंपियन
वर्ल्ड के नंबर-1 जेवलिन थ्रो खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिरागे ने 73.53 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की. लेकिन उन्होंने अपने चौथे प्रयास में मुकाबले का रुख बदल दिया और 88.33 मीटर का थ्रो करके दोनों भारतीय खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने अपनी आखिरी कोशिश में 88.55 मीटर दूर भाला फेंककर सबसे गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. इसके साथ वो ऐशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले पहले श्रीलंकाई खिलाड़ी बन गए.
पथिरागे इस समय अपने शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. 23 साल के पथिरागे ने जून में रोम में 92.62 मीटर के थ्रो के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाया था, और उसके बाद ज्यूरिख में 92.07 मीटर के थ्रो के साथ वे उस रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंच गए थे. इसके बाद उन्होंने इस महीने की शुरुआत में 91.09 मीटर के थ्रो के साथ वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप जीती थी.
अरशद नदीम का प्रदर्शन
पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 76.69 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की और फिर तीसरी कोशिश में 80.29 मीटर तक पहुंचे. उनकी दूसरी, चौथी, पांचवीं और छठी कोशिशें बेकार गईं. जिसकी वजह से वो मेडल जीतने वालों की लिस्ट से बाहर हो गए.