ग्रेटर नोएडा में बस हादसे पर सीएम योगी ने दुःख जताते हुए, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए मदद का ऐलान किया है.
नई दिल्ली/नोएडा: ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस वे पर आज बड़ा हादसा हो गया. स्लीपर बस में भीषण आग लग गई. इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई. बुधवार की रात बस संख्या BR32PA8647 कश्मीरी गेट नई दिल्ली से महोबा के लिए रवाना हुई. रात के करीब 11 बजे बस थाना जेवर क्षेत्र स्थित 33 किमी माइलस्टोन के पास उसमें से आग की लपटें निकलने लगीं. बस में करीब 35 लोग सवार थे. इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुःख जताते हुए, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मदद का ऐलान किया है.
सूचना मिलते ही जेवर पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर कर्मियों ने बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस जलकर खाक हो गई. पुलिस द्वारा तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुए 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. पुलिस टीम व फायर सर्विस यूनिट द्वारा धुएं के मध्य अथक प्रयास करते हुए बस के अंदर जाने पर ज्ञात हुआ कि उक्त घटना में 09 व्यक्ति बस के अंदर जलने व दम घुटने के कारण मृत अवस्था में मिले. आग लगते ही बस में अफरातफरी मच गई.
नोएडा पुलिस के अनुसाक प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बस के एसी में स्पार्क/ब्लास्ट होने के कारण बस के इंजन लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगकर तेजी से फैल गई. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है. फिलहाल पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित कर दिया है और जली हुई बस को हटाने का काम जारी है. मृतकों की पहचान और घायलों की जानकारी जुटाई जा रही है.
मौके से भाग गए ड्राइवर और कंडक्टर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई यात्रियों ने चलती बस से कूदकर जान बचाई, लेकिन बस के ऊपरी हिस्से में बैठे यात्री बाहर नहीं निकल पाए. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. यात्रियों ने बताया कि जैसे ही बस में आग लगी, मौके से ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ही भाग खड़े हुए. बस के यात्री ही आपस में मदद कर लोगों को निकाल रहे थे. इसके बाद मौके पर पहुंची ने पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चालाया. पुलिस ने इस घटना के संबंध में सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत करते हुए चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है. अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
यात्रियों ने क्या कहा ?
एक यात्री ने बताया कि जब मैं सो रहा था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है, और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे. वहां से निकलना आसान नहीं था. बहुत ज़्यादा धुआं था. घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए. बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी.
एक अन्य यात्री ने बताया कि मैं सो रहा था तभी किसी ने दरवाज़ा खटखटाया. जब मैं जागा, तो वहां पहले से ही बहुत भीड़ थी. मैंने अपना कोई सामान नहीं उठाया. यहां तक कि जूते भी नहीं पहने. बस अपना फ़ोन लिया और बाहर निकल आया. इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का-मुक्की कर रहे थे. मुझे भी धक्के लगे और आख़िरकार किसी ने मुझे बाहर खींच लिया. उसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं. चारों तरफ़ धुआं ही धुआं था.
उन्होंने कहा कि अफरा-तफरी मची हुई थी और बाहर निकलना बहुत मुश्किल था. इतना धुआं था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. लोग अंदर दम घुटने से परेशान थे. बहुत कम लोग ही बच पाए, सिर्फ़ वही जो धक्का-मुक्की के बीच रास्ता बनाकर बाहर निकल सके. कई लोगों की जान चली गई. मेरे पीछे भी काफ़ी लोग थे जो शायद बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि मैं ख़ुद भी काफ़ी देर से बाहर निकल पाया था.
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों से बात की और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुःख जताते हुए, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मदद का ऐलान किया है. जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे.